Jaipur Ka Amer Kila
Jaipur Ka Amer Kila 


आमेर का किला जयपुर के बारे में जानकारी ।

 

amer fort history in hindi

भारत के मशहूर राज्य राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित किला amer fort jaipur भारतीय ऐतिहासिक किलो में से एक क़िला है यह जयपुर से दूर अरावली की ऊंची ऊंची पहाड़ियों पर स्थित एक फैमस किला है amer fort jaipur राजस्थान के मुख्य प्रमुख पर्यटनो में से एक क़िला है इस ब्लॉग में हम आपको राजस्थान के इस क़िले के बारे में बताएंगे जैसे आमेर के किला का इतिहास, हिस्ट्री और amer fort history in hindi और आमेर के किले से जुड़े सवालों के उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे चलिए जानते हैं jaipur ka amer kila से जुड़ी खास बातें।


Amer Fort History in Hindi । Jaipur Ka Amer Kila । 


Amer fort jaipur History in Hindi


आमेर फोर्ट हिस्ट्री इन हिंदी : आइए जानते हैं आमेर किला का इतिहास आमेर के किले को आमेर दुर्ग और आंबेर के नाम से भी जाना जाता है यह किला राजा मानसिंह ने जयपुर से 11 किलोमीटर की दूरी पर एक अरावली की ऊंची पहाड़ियों पर बनवाया था यह किला राजस्थान के सबसे बड़े किलो में से एक क़िला है मानसिंह ने इसे 16 वी शताब्दी के लगभग बनवाया था इसको मानसिंह ने करीब 1592 ई. में बनवाया था इस किलो को लोग अकसर आमेर प्लेस के नाम से भी जानते है राजा मानसिंह ने इस किले का निर्माण संगमरमर और बलुआ के पत्थरों से करवाया था  इसके आसपास एक बहती हुई झील है जिसे हम या आप माथा झील कहते हैं जिसका दृश्य आपकी आंखों को काफ़ी पसन्द आएगा यह बरसो पुराना राजपूतों के द्वारा बनाया गया किला देखने दूर बदूर से खूब लोग आते हैं और इसके अन्दर घूमते फिरते हैं amer fort jaipur काफ़ी पॉपुलर किलो में से एक किला है amer ka kila जयपुर के पश्चिमी हिल्स की दिशा में स्थित है इसके साथ ही यह काफ़ी खुबसूरत दिखाई पड़ता है क्यूंकि राजा मानसिंह ने इसमें गुलाबी रंग के संगमरमर पत्थरों का उपयोग करके इसका निर्माण करवाया था कहा जाता है की राजा मानसिंह ने इस किले को इसलिए बनवाया था जिससे इसका उपयोग युद्धभूमि में कर सके और युद्ध के वक्त यह उसके काम आए amer fort jaipur का इस्तेमाल उसके अपने लोग रहने और निवास करने के लिए भी किया करते थे amer fort jaipur की वास्तुकला में हमें मुगलों और राजपूतों दोनों जातियों की कला दिखाई पड़ती है इसके मुख्य द्वारों में से एक दरवाज़े का नाम सुरजपोल है ।


FAQs about Amer Fort Jaipur Rajasthan । Jaipur Ka Amer Kila 


1. आमेर का किला किसने बनवाया?


आमेर का क़िला बनवाने का शुरुआती और प्रथम निर्माण राजपूतों के राजा मानसिंह द्वारा किया गया था बाद में आमेर का क़िला बनवाने का पूर्ण निर्माण सवाई जय सिंह द्वितीय और राजा जय सिंह प्रथम द्वारा पूरा हुआ था!


2. आमेर का किला किसने और कब बनवाया?


आमेर का किला बनाने का काम राजा मानसिंह ने 1592 ई. में शुरू किया था और बाद में इसको जय सिंह द्वितीय और राजा जय सिंह प्रथम ने पूरी तरह तैयार करके बनवाया था!


3. जल महल कितने मंजिल है?


जल महल के अन्दर 5 मंजिल है और इसे जल महल इसलिए कहते हैं क्यूंकि इसकी 4 मंजिल जल में बनी हुई है अर्थात् जल महल में 5 मंजिल है और इसकी एक मंजिल पानी के बाहर भी बनी हुई और बाकी चार मंजिले पानी के अन्दर बनी हुई है!


4. बहादुर शाह प्रथम ने आमेर का नाम बदलकर क्या रखा?


मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र ने आमेर का नाम बदलकर मोमिनाबाद रखा था लेकिन लोग इसे अकसर आमेर के नाम से जानते है और आमेर काफ़ी प्रसिद्ध है

क्यूंकि आमेर शहर से जुड़ी हुई मुग़ल बादशाह की बेगम जोधा बाई भी थी और आमेर का पुराना नाम अंबर भी है बाद में amer fort jaipur के नाम पर इसका नाम आमेर रखा गया था!


5. आमेर दुर्ग का निर्माता कौन है?


आमेर दुर्ग का निर्माता राजा मानसिंह है!


6. आमेर के किले का निर्माण कब हुआ था?


आमेर के किले का निर्माण 1592 ई. में हुआ था जिसे राजा मानसिंह द्वारा किया गया था!


7. आमेर का राजा कौन था?


आमेर का राजा मानसिंह था जो कच्छवाहा राजपूत था आमेर का राजा मानसिंह मान सिंह प्रथम के नाम से भी जाना जाता था!


8. आमेर का पुराना नाम क्या है?


आमेर का पुराना नाम अंबावती, अमरपुरा, अमरगढ़ था जिसे अब अक्सर ज्यादातर लोग आमेर के नाम से जानते हैं! 


9. अकबर द्वारा निर्मित दुर्ग?


अकबर द्वारा निर्मित दुर्ग है आगरा का लाल क़िला, फतेहपुर सीकरी आदी अकबर के द्वारा निर्मित दुर्गों में से है!


10. आमेर किले के अंदर क्या है?


आमेर किले के अन्दर स्तिथ चीज़े है गणेश पोल, दीवान ए आम, दीवान ए ख़ास, शेष महल, शीश महल आदी ये सब आमेर के क़िले अंदर है!

 

11. आमेर किले की लंबाई कितनी है?


आमेर किले की लंबाई 3 किलोमीटर है!


12. आमेर किले की विशेषता क्या है?


आमेर के किले की विशेषता ये है की ये 400 साल से भी ज्यादा पुराना किला है और यह ऊंची पहाड़ियों पर बना 

हुआ है और इसमें पहले राजा मानसिंह ने राज किया था!